बिहार मे बाढि ग्रस्त इलाका कें हरेक प्रभावित परिवार कें सरकारक ओर सं 6-6 हजार देबाक प्रक्रिया शुरू भ’ गेल अछि। राहत शिविर मे प्रभावितक सूची बनाओल जा रहल अछि। नकदीक संगे जिनकर घर, कपड़ा आ बर्तन कें नुकसान भेल होयत, हुनका अहि सप्ताह सं पैइसा मिलय लागत।

आपदा प्रबंधन प्रभावितक सूचीक अंतिम रूप देबै शुरू कें देने अछि। जखन फसल वा पशु कें नुकसान केर जानकारी आबय पर प्रभावितक सेहो सहायता देल जायत।

बिहार मे अखन 11 जिला सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, खगड़िया, सारण, पूर्वी व पश्चिमी चम्पारण प्रभावित अछि। अहि जिलाक 25 लाख सं अधिक आबादी बाढि सं प्रभावित अछि। 8 केर मृत्यु भ’ चुकल अछि। अहि प्रभावित कें सहायता देबाक लेल आपदा प्रबंधन लोकक पहचान केलाक बाद ओकर सूची बनेबाक निर्देश जिला कें पहिने देल गेल छल जकर रिपोर्ट एनाइ शुरू भ’ गेल अछि।

विभाग कहलक जे बाढिग्रस्त इलाका कें सभ’ परिवारक सहाय्य अनुदान यानी जीआर मद मे 6 हजार देल जायत। एकरा लेल राहत शिविर मे प्रभावितक नाम-पता कें संगे बैंक खाता सेहो लेल जा रहल अछि। प्रभावित कें 6 हजार नकदी सीधा बैंक खाता मे हस्तांतरित होयत। जखन जे राहत शिविर मे नहि आयल अछि, हुनका लेल प्रखंडक अधिकारी पंचायतक सरकारी कर्मी केर सहायता ल’ रहल छथि। संगे मुखिया वा अन्य जनप्रतिनिधिक सेहो सहयोग लेल जा रहल अछि। पिछला वर्षों मे जाहि इलाका मे बाढि आयल छल, ओकर सूची जिलाक पास अछि। ओहि सूची सं सेहो मिलान कयल जा रहल अछि।

जिला सं मिल रहल सूचीक अनुसार आपदा प्रबंधन 6 हजार नकदी देत। जखन मुख्यमंत्री राहत कोष सं लोकक बर्तन वा कपड़ा मद मे सहायता देल जायत। नकदी कें अलावा बाढिग्रस्त इलाका मे फसल क्षति सं ल’ मकान वा पशु नुकसान मे सेहो सहायताक प्रावधान अछि। एकर ब्यौरा तैयार भ’ रहल अछि।

अहि मद मे मिलत सहायता —
4 लाख मृत्यु होबय पर परिजन कें
6000 नकदी हरेक परिवार कें
1800 कपड़ा मद मे
2000 बर्तन कें लेल
6800 प्रति हेक्टेयर न्यूनतम
30 हजार प्रति गाय, भैंस मे
3 हजार प्रति बकरी, भेड़, सुअर
25 हजार प्रति घोड़ा पर
50 रुपये प्रति मुर्गा, अधिकतम 5 हजार
95100 कच्चा-पक्का मकान नुकसान मे
5200 पक्का मकान कें आंशिक क्षतिग्रस्त मे
3200 कच्चा मकान के आंशिक क्षतिग्रस्त में
4100 झोपड़ी के पूर्ण नुकसान होने पर
2100 जानवर के शेड नुकसान मद में