महान गीतकार मैथिलीपुत्र प्रदीप केर निधन, शोकाहत मिथिला

0
106
maithili-putra-pradeep

महान गीतकार मैथिलीपुत्र प्रदीप केर निधन भ’ गेल अछि. मिथिलाक लोककंठ मे हिनक गीत रचल-बसल अछि आ आइ ई हमरा सभक बीच सं बैकुण्बठ विदा भ’ गेलाह. प्रदीप (Maithili Putra Pradeep) मैथिली मे अनेक गीत एहन द’ गेलाह अछि जे जुग-जुग धरि अनुगुंजित होइत रहत. दरभंगा जिलाक कथवार निवासी प्रदीप एमए – साहित्य रत्न, नवीन शास्त्री, पंचाग्नि साधक छलाह.

हिनक देहावसान केर खबरि ओ श्रद्धांजलि सं पूरा सोशल मीडिया पाटल अछि. एही सं सहज रूपें हिनक लोकप्रियता आ मान्यता केर अंदाजा लगाओल जा सकैत अछि. विद्यापतिक गीत जहिना घर-घर गाओल जाइछ तहिना मैथिलीपुत्र प्रदीप (Maithili Putra Pradeep) केर गीत मिथिला मे प्रचलित भेल अछि.

‘जगदम्ब अहीं अबलम्ब हमर’ – Maithili Putra Pradeep

हिनक किछु गीत एतय देल अछि जाहि सं अपने रीलेट क’ सकै छी- ‘जगदम्ब अहीं अबलम्ब हमर’, ‘सभक सुधि अहाँ लए छी हे अम्बे, हमरा किए बिसरै छी यै’, ‘तों नै बिसरिहें गे माय, तू जे बिसरबए त’ दुनिया मे पड़तै बौआय’, ‘पहिरि लाल साड़ी, उखाड़ए खेसारी’ आदि अनेक अमर गीत हिनक लेखनी सं निकलल अछि.

https://www.youtube.com/watch?v=t7a5jx4bgDo

हिनक जन्म 2 अप्रील 1936 मे भेल छलनि. आइ 30 मइ 2020 कें हिनक देहावसान भेल अछि. युग-युग धरि हिनक कीर्ति आ लेखन मिथिला मे व्याप्त रहत. मिथिला लाइव टीम दिस सं एहि दिवंगत मैथिलीपुत्र कें नमन ओ श्रद्धांजलि!