“दरभंगाक” इतिहास एवं वर्णण

0
195

1.*विवरण*
दरभंगा करेह नदीक कातमे बसल अछि।
इ जिला प्रमंडलक मुख्यालय सेहो अछि। दरभंगा प्रमंडलके अंतर्गत तीनटा जिला दरभंगा, मधुबनी आओर समस्तीपुर अबैत अछि। दरभंगा के उत्तरमे मधुबनी ,दक्षिणमे समस्तीपुर, पूर्वमे सहरसा, एवं पश्चिममे मुजफ्फरपुर तथा समस्तीपुर जिला अबैत अछि। दरभंगा शहरक बहुविध एवं आधुनिक स्वरूप के विकास सोलहवीं सदीमे मोगल व्यपारी तथा ओइनवार शासक सभ द्वारा विकसित कयल गेल। दरभंगा 16वीं सदीमे विकसित कयल गेल दरभंगा राज के राजधानी छल। अपन प्राचीन संस्कृति आओर बौद्धिक परंपराक लेल इ शहर विख्यात रहल अछि। एहिके अतिरिक्त इ जिला आम आओर मखानक उत्पादन लेल प्रसिद्ध अछि।

2.* नामकरण*
दरभंगा शब्द संस्कृत भाषा के शब्द ‘द्वार-बंग’ अथवा फ़ारसी भाषा के ‘दर-ए-बंग’ यानी बंगालक दूरखा के मैथिली भाषा में कतेक वर्ष सँ चलय वला स्थानयीयकरण के परिणाम अछि।
एहन कहल जायत अछि की मुगल कालमे दरभंगी खान अहि शहरके बसओने रहय, दरभंगी खान स्वेत ब्राह्मण छलाह कालांतरमे इस्लाम कबूल कय लेने छलाह, जिनका महाराज दरभंगा द्वारा “खां’ के उपाधि देल गेलेंन।
आइयो खां वंशज दरभंगा में निवास करैत छथिन्ह।

3.*इतिहास*

वैदिक स्रोत आदि के अनुसार आर्य सभकेँ विदेह शाखा अग्निक संरक्षणमे सरस्वती तट सँ पुरबमे सदानीरा(गंडक) के दिस बढ़ल छलाह, आओर विदेह राज्यक स्थापना केलनि। विदेहक राजा मिथके नाम पर इ देश मिथिला नाम सँ जानल गेल।
रामायणकालमे मिथिलाक राजा जनक छलाह। सीरध्वज जनक जीके पुत्री सीता छलीह। विदेह राज्यक अंत भेला पर इ प्रदेश वैशाली गणराज्यक अंग बनल। अहिके बाद इ मगध के मौर्य, शुंग, कण्व आओर गुप्त शासक सभक अधीन रहल । १३ हम सदीमे पश्चिम बंगालक मुसलमान शासक हाजी शमसुद्दीन इलियासके समयमे मिथिला एवं तिरहुत क्षेत्रक बंटवारा भ’ गेल उतर भागक अंतर्गत मधुबनी, दरभंगा एवं समस्तीपुर के उत्तरी हिस्सा अबैत अछि जे ओइनवार के राजा कामेश्वर सिंह के अधीन रहल।