बिहार में महिलाक सुरक्षा लेल पब्लिक ट्रांसपोर्टक गाड़ि ह्वेकिल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस आ इमरजेंसी बटन सं लैस होयत। सार्वजनिक परिवहनक गाड़ि (बस, कैब, टैक्सी) सं सफर करय वाली महिला वा लड़कि के कोनो तरहक खतरा कें आभास होबय पर इमरजेंसी बटन दबैत कंट्रोल कमांड सेंटर मे अलार्म बजत आ तत्काल पुलिस मदद कें लेल पहुचत।

निर्भया फ्रेमवर्क कें तहद सार्वजनिक परिवहन केर गाड़ि मे व्हीकल लोकशन ट्रैकिंग डिवाइस आ इमरजेंसी बटन लगेबाक निर्णय लेल गेल अछि। अहि योजना केर स्वीकृति कैबिनेट सं भेट गेल अछि। शुरुआती दौर मे पायलट प्रोजेक्ट कें तौर पर पटना सं नव व्यवस्थाक शुरुआत कयल जायत। एकरा बाद अन्य शहर मे संचालित सार्वजनिक परिवहनक वाहन (बस, टैक्सी) मे लगाओल जायत।

पूरा प्रक्रियाक मॉनिटरिंग कें लेल कंट्रोल कमांड सेंटर कें निर्माण कयल जायत। एकरा लेल एनआईसी केर मदद सं परिवहन विभाग द्वारा कंट्रोल रूम बनाओल जायत। ई कंट्रोल रूम पुलिस मुख्यालय कें कंट्रोल रूम सं जुड़ल होयत। कोनो आपातकालीन स्थिति मे वाहन केर ट्रैकिंग कयल जा सकत तथा तुरंत कार्रवाई होयत।

महिला सुरक्षाक लेल बहुत महत्वपूर्ण प्रयास होयत। ह्वेकिल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस द्वारा इमरजेंसी अलर्ट, ओवर स्पीडिंग तथा उपकरण कें संग छेड़छाड़ आ तोड़ला पर अलर्ट प्राप्त भ’ सकत। एकरा मदद सं वाहनक लोकेशन केर रियल टाइम जानकारी प्राप्त होयत। जियो फैंसिंग एवं सॉफ्टवेयर कें माध्यम सं वाहन कें सब मूवमेंटक मैप पर देखल जा सकत। वाहन मालिक सेहो सॉफ्टवेयर द्वारा अपन वाहन केर स्थिति कें पता क’ सकैत छथि।

अहि साफ्टवेयर सं अपराध नियंत्रण मे बहुत मदद भेटत। संगहि, ओवर स्पीडिंग कें रोकय मे सेहो सहायता भेटत। बस यदि निर्धारित स्पीड सं अधिक स्पीड पर चलत त’ चालक पर कार्रवाई सुनिश्चित कयल जायत।

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