एक तरफ लॉकडाउन मे मजदूरक कमी, उपर सं बेमौसम आंधी-पानी आ ओलाव़ृष्टि केर समस्या। अहि दोहरा मारि सं पूरा राज्य मे किसान परेशान अछि, परन्तु मधुबनी जिला कें खजौली प्रखंड मे एहन किछु नै छै। ओतय पांच दर्जन महिला किसान अपन हौसलाक बल पर बतओलनि जे कोनो काम मुश्किल नै। स्वयं सहायता समूह सं जुड़ल महिला सब खेत मे उतरि कृषि यंत्र चला कामयाबी आ कृषि क्रांति केर नवगाथा लिखलनि। अपन बल पर महिला किसान सब फसल कें बर्बाद होबय सं बचा लेलनि । आगां खरीफ फसल कें लेल सेहो तैयार छथि।

कृषि कार्य मे छूट, खेत मे महिला लोकनि

खजौली कें महिला किसान लोकनि केर सफलताक कहानी कें शुरुआत एक साल पहिने भेल छल। स्वयं सहायता समूह सं जुड़ल महिला खेतीबाड़ी कें तौर-तरीका सिखलनि आ समझलनि। ओ लोकनि कृषि यंत्र कें चलेबाक गुर सिखलनि। जेना लॉकडाउन 2 मे कृषि कार्य केर छूट मिलल, खेत मे उतरि गेलीह।

मौसम खराब होबय सं पहिने पूरा फसल केर कटाइ

ओ महिला लोकनि समूह सं जुड़ल 261 लोक कें सौ एकड़ खेत केर कटनी शारीरिक दूरी कें पालन करैत महज नौ दिन मे पूरा क’ देलनि। जखन, सामान्य तौर पर अहि मे 16 सं 20 दिन लगैत छै। ओ लोकिन ई काज कृषिक आधुनिक यंत्रक सहारे केलनि। अहि सं समय केर बचत भेल। संगे जखन धरि मौसम खराब होयत, कटनी पूरा भ’ चुकल छल।

कृषि यंत्र कें चलेनाइ सीखि क’ रहल छथि बेहतर इस्तेमाल

महिला किसान कें स्वयं सहायता समूह सं जुड़ि सुक्की गांव केर गौरी देवी कहलनि, ”हाथ सं कटनी मे समय आ मेहनत अधिक लगैत छल। आब मशीन सं मेहनत कम लागि रहल छै आ काम सेहो ज्यादा भ’ रहल अछि।” अहि गांव केर अमेरिका देवी आ दौलत देवी अहि सं पहिने रीपर बाइंडर या ब्रश कटर सं काम नै केने छलीह। आब ई कृषि यंत्र हुनका लेल कचिया (हंसिया) जकां भ’ गेल छै। ओ सब एकर बेहतर इस्तेमाल क’ रहल छथि।

मशीन सं धान रोपनी सीखि आब खरीफ कें लेल तैयार

पुरुष कें संग कंधा सं कंधा मिला चलि रहल महिला आब खरीफ फसल कें लेल सेहो तैयार छथि। धान रोपयवला मशीन (पैडी ट्रांसप्लांटर) चलेनाइ सीखि चुकल छथि। समूहक अधिक सं अधिक महिला एकरा चलओनाइ सिखय चाहैत छथि, किएक त’ मधुबनी मे धान मुख्य फसल अछि। मशीन कें उपयोग क’ महिला लोकनि हाथ सं धान रोपय मे लगयवला अधिक समय कें बचा बड़का बचत क’ रहलनि अछि।

महिला लोकनि रखलनि ग्रामीण क्षेत्र मे कृषि क्रांति केर नींव

महिला लोकनि केर सहयोग करयवला हेम नारायण हिमांशु कहलनि जे मशीन सं कटाइ कें कारण कम संख्या मे महिला सब खेत मे गेलीह। अहि सं शारीरिक दूरी केर पालन भेल। कोरोना संक्रमणक खतरा नै रहल। ई महिला लोकनि ग्रामीण क्षेत्र मे नव कृषि क्रांति केर नींव राखि देलनि अछि। खजौली प्रखंड केर 261 महिला लोकनि कृषि यंत्र सं काम करब सीखि चुकल छथि। एक- दू सीजन मे जिला मे ई संख्या हजारो मे भ’ जायत।

जीविका कें माध्यम सं कृषि यंत्र चलेबाक प्रशिक्षण

जीविका कें डीपीएम (डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर) ऋचा गार्गी कहलनि जे करीब 80 लाख रुपया कें 21 कृषि उपकरण ख़रीदल गेल अछि। एकरा चलेबाक प्रशिक्षण जीविका कें माध्यम सं महिला लोकनि कें देल जा रहल अछि। किछु वर्ष बाद मजदूर कें कारण खेती केर काज नै रुकत।

कृषि विभाग सहायता आ प्रोत्साहन देबय लेल तैयार

मधुबनी कें जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार कहलनि जे खजौली केर महिला लोकनि महिला सशक्तीकरण केर उदाहरण अछि। कृषि विभाग हुनका हर तरह सं प्रोत्साहन देबय लेल तैयार अछि। 10 लाख रुपया तक कें कृषि यंत्र केर खरीद पर 80 फीसद सब्सिडी देल जायत। अगर ओ सब अहि यंत्र केर बेहतर इस्तेमाल करब सीखि लेलनि त’ हुनका सेहो अहि योजनाक लाभ देल जायत।