सखी बहिनपाक फेसबुक समूह सँ

आरती झा जीक फेसबुक टाइम लाइन सँ…

‘सखी बहिनपा’ मैथिलानी समूहक जन्म
आइसँ चारि वर्ष पहिने सन् 2015 मे फेसबुककेँ माध्यमसँ केलहुँ।मोन मे बहुत तरहक सवाल-जवाब चलि रहल छल जे कि इ समूह हमर मैथिलानी सखी-बहिनकेँ बीच अपन जगह बना सकत? कि इ समूह हमर सभक ओहि मूल उद्देश्य केँ पूरा करत जे हमर मोनमे उमरि-घुमरि रहल अछि? कि अपन पुरूष समाज एहि बदलाव केँ मोन सँ स्वीकार करताह?

मुदा आइ हम देखि रहल छी त’ हमरा बुझि पड़ि रहल अछि कि जे शनै: – शनै: हम सब ओहि मूल उद्देश्यकेँ तरफ बढ़ि रहल छी, जाहि उद्देश्यकेँ लेल सखी बहिनपा मैथिलानी समूह बनाओल गेल छल। हमरा एहि बातक बड खुशी भ’ रहल अछि जे सखी बहिनपा मैथिलानी समूह अपन मैथिलानी समाज मे उचित जगह बना रहल अछि आ आब एकर आधार बहुत व्यापक भ’ गेल अछि। देश-विदेश सँ अनेकों मैथिलानी सखी एहि समूह सँ जुड़ल छथि आ समाज मे अपन महत्वपूर्ण स्थान बना रहल छथि। कखनो क’ इहो मोनमे आबए जे कि अपन पुरूष समाज एहि बदलाव केँ मोन सँ स्वीकार करथिन? मुदा कहैत असीम हर्ष भ’ रहल अछि जे पुरूष समाज खाली इ बदलाव केँ स्वीकार केलखिन्ह बल्कि अपन घरक महिलाकेँ आगू बढ़बाक हेतु प्रोत्साहित केलथि। स्वयं हमरो इ कतेको बेर इ महसूस भेल जे पुरूष वर्ग बहुत सहयोग क’ रहल छथिन्ह। हमरा सब सखी के लेल इ बहुत संतोषके बात अछि। आब हम सब निश्चिंत भ गेलहुँ जे यदि हम सब सखी अपन काज मोन सँ करी त’ सामाजिक स्तर पर बहुत काज क’ सकैत छी। सखी बहिनपा मैथिलानी समूह के किछु मुख्य उद्देश्य नीचा उल्लेख क’ रहल छी :-

१. नारी सशक्तिकरण, मिथिलानी के आर्थिक निर्भरता ।

२. घर मे मैथिली के प्रयोग ।

३. शिक्षा मे मैथिली भाषा केँ प्रयोग ।

४. जनगणना में भाषा केँ रुपमे मैथिली लिखायल जाय ।

५. मिथिलाक मीडियामे मैथिली भाषा केँ अधिकसँ अधिक प्रयोग कयल जाय ।

६. मिथिलानीक एकता,

आइ सखी बहिनपा मैथिलानी समूह समाज मे कतेको महत्वपूर्ण काज के’ रहल अछि तकर विस्तृत वर्णन एतय केनाइ संभव नहि अछि कारण जे इ पोस्ट बहुत बेसी नमहर भ’ जायत। सारांश मे किछु बात हम नीचा द रहल छी:
१. मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के समय मदद ।

२. दरभंगा/मधुबनी के बाढिमे राहत काज।

३. पटना के बाढिमे राहत काज।

४. एकटा आर्थिक रूप सँ विपन्न लड़की, जकर माय के कैंसर छलै, ओकर विवाह में दरभंगा/मधुबनी सँ मदद ।

५. सावन मेला में देवघर में बम-सेवा शिविर ।

६. जनगणना में मैथिली भाषा लिखल जाइ ओकरा लेल गांव गांव जागरूकता ।

७. पर्यावरण के रक्षा हेतु वृक्षारोपण, मुम्बई सखी सब द्वारा गाछक वितरण ।

८. कोलकाता मे गंगा सागर यात्री कम्बल /खाना वितरण ।

९. ओझौल ,अषाढी/खड़गा बसंतपुर में सिलाई सेन्टर।

१०. पटना में दूटा सिलाई सेन्टर (सोनी प्रियरंजन एवं आभा झा द्वारा खोलल गेल) ।

११. सिलीगुड़ी में योग जागरूकता समारोह ।

१२. कोलकाता/पटना/वीरगंज में अनाथालय में कपड़ा/खाना/जरूरत के सामान के संग आर्थिक मदद ।

१३. विश्व भरि पर्यावरण जागरूकता के देखैत ‘प्लास्टिक छोड़ू अभियान’ मे मिथिला पेंटिंग बनल झोरा वितरण आ बिक्रिके प्रोत्साहन।

१४. मिथिलाक्षर केँ प्रचार-प्रसार आ जागरूकता ।

१५. लघुकथा/भानस भात/चित्रकला/ ऑनलाइन प्रतियोगिता ।

१६. ऑनलाइन बिजनेस केनिहारि सब के विज्ञापन के द्वारा मदद ।

१७. मिथिला पेंटिंग के ऑनलाइन क्लास ।

१८. अपन गीत,विलुप्त शब्द,अरिपन,तीज -त्योहार के पुनः स्थापित करबाक प्रयास ।

१९. मैथिली बाजनाई आ लिखनाई पर जोर ।

२०. जनकपुर तथा राजबिराजमे पारंपरिक गीत नादक प्रतियोगिता।

२१. दिल्ली/दरभंगा में कतेको बेर मरीज के जरूरत पड़ला पर रक्त दान ।
दरभंगा / मधुबनी में आयल बाढ़ि मे दीपा, ममता, स्नेहा, आरती सिंह दीदी, गीता दीदी, नीतू सखी आ अन्य स्थानीय सहयोगी सखी लोकनि सब आ पटना में आयल प्रलयकारी बाढ़ि में पाटलिपुत्रा सखी बहिनपा सब बहुत महत्वपूर्ण आ हिम्मत बला काज केलनि। यथासंभव घरे-घरे राहत-सामग्री पहुँचेलनि। सम्पूर्ण मिथिला मे मिथिलाक्षरक जोरदार प्रसार-प्रचार हेतु मनोरमा झा सखी, शिप्रा झा सखी, शैव्या झा सखी,बिभा दीदी सखी आदि महत्वपूर्ण बीड़ा उठेने छथि। सखी बहिनपा मैथिलानी समूह मे जुड़ल सब मैथिलानी सखी केँ मिथिलाक्षर सीखैक हेतु लगातार प्रेरित क’ रहल छथि। प्लास्टिक छोड़ू अभियान अन्तर्गत किछु सखी जूट आ कपड़ा सँ बनल आ मिथिला पेंटिंग सँ युक्त झोरा के वितरण आ बिक्री में नेहा पुष्प सखी, श्वेता सखी आ शिखा ठाकुर सखी केँ योगदान अवर्णनीय अछि। असगरे शिखा ठाकुर सखी मुम्बई में ८००० झोरा केँ वितरण आ विक्रय केलनि।

हालमे १७ नवंबर, २०१९ केँ दिल्ली सखी बहिनपा मैथिलानी समूह द्वारा मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकारक सहयोग सँ “मिथिला मेला” केँ आयोजन कयल गेल छल। एहि आयोजन में हमहुँ शामिल भेल रही। एहि आयोजन केँ सफल बनबय में हमर सम्पूर्ण दिल्ली सखी बहिनपा के “कार्यकर्ता” सखी के अलावा ओहिठामक सब सखी के योगदान महत्वपूर्ण अछि।छाया सखी,सांत्वना सखी,मधुलता सखी,हेमा सखी,स्वाति सखी, पूजा सखी,रेखा सखी,राधा सखी,गिन्नी दीदी सखी,सौम्या सखी,शिप्रा सखी,कामना सखी,भारती सखी….. आदि के विशेष आभार।विश्व भरि के सखी सभक शुभेच्छा संग छल। लगातार पोस्ट द्वारा ओ सब दूर रहितो अपन उपस्थिति बनेने रहथि।कोनो एक दिनक नहि, बहुत दिनक अथक परिश्रम के परिणाम छल एकर सफलता। एकर सुखद परिणाम १७ नवंबर, २०१९ केँ नजरि आयल।अबितै कोना नहि? अपना घर के परोजन जकाँ एकरा हमर सखी सब सम्हारलीह। एहि मेला में मैथिल खान-पान, मिथिला पेंटिंग आ मैथिली तथा मिथिलाक्षरक पोथीकेँ स्टॉल सब लागल छल। एहि मेला मे जबरदस्त भीड़ छल आ भीड़ छल ओहि विश्वास के जे अहाँ सब मैथिल जन हमरा सब सखी बहिनपा पर कयलथि ।

हमर सखी सब आत्मनिर्भर भ’ रहल छथि… अपन अपन स्टाल पर पूरा आत्मविश्वासक संग जाहि तरहे ओ सब व्यवस्थापन क’ रहल छलीह ओ एकटा सुखद अनुभूति छल।
धिया-पूता सब अरिपन, गीत, नृत्य, मिथिला चित्रकला के प्रतियोगितामे भाग लेलथि बड्ड नीक लागल आ आश्वस्त भेलहुँ जे अपन मिथिला के मान हमर बच्चा सब अपन कन्हा पर उठा रहल छथि आ एकरा आगू बढ़ेताह।
मैथिली गीत नाद आ ज्योति सखी संग पूरा टीमक(मैलोरंग) जे नाटक के प्रस्तुति(मैथिल स्त्री) छल ओ चारि चान लगा देलक कार्यक्रममे।

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मिथिला मेलाके कॉन्सेप्ट नीक लागल आशा जे उत्तरी मिथिला(नेपालक) के सखीसभ सेहो आगू ऐतिह कियाक त’ कतो’ के मिथिलानीमे प्रतिभा के कमी नहि ।
मैथिली भोजपुरी अकादमी के उपाध्यक्ष नीरज पाठक भाइ के सहयोग बहुत नीक सँ भेटल।शेफालिका दीदी आबि अपन आशीष देलीह। गंगेश गुंजन सर के आभार जे आबि उत्साहवर्धन कयलथि।करुणा सखी नेपाल सँ आबि अपन उपस्थिति देलीह। नुनु भाइ सदिखन अपन सहयोग दैत छथि सखी बहिनपा के। दुनियाँ भरि के सखी सब सभक मानसिक संग भेटल। दिल्ली के प्रायः सब मैथिली/मिथिला सँ अनुराग रखनिहार लोकक गरिमामयी उपस्थिति छल। अति व्यस्तता के बावजूद हमर सभक बहुत रास सखी आ मित्र बंधु सब आयल छलाह, देखि अभिभूत भेलहुँ। अखिला नंद झाजी,मिश्राजी, मनीष बौआभाइ, हरिमोहन भाइ , उज्ज्वल भाइ, अरुण भाइ, सुनीत ठाकुर भाइ, अमर नाथ भाइ, अमर नाथ मिश्रा भाइ, संजीव सिन्हा भाइ, राम बाबू सिंह भाइ,शिशिर झाजी, कवि एकांत भाइ, मुकेश जी, अरविंद जी, ललित नारायण झाजी, करुणा जी, आशुतोष भाइ,शुभ नारायण भाइ,निशांत भाइ,उमेश मिश्र जी, विजय चंद्र झा जी,झा आनंद भाइ ,कौशल जी,अजीत झा वत्स भाइ,मनोज भाइ तथा ओहिठाम जुटल समस्त मैथिल जन के आत्मिक आभार जेआपन गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करेलाह। ठाम-ठाम सँ अपन समाद, पोस्ट, फोन द्वारा लगातार शुभकामना भेटि रहल अछि, हृदयसँ आभारी छी।
मीडिया कवरेज लेल जतेक गोटा आयल छलहुँ हुनका सबके सेहो विशेष आभार।

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